Footing ka size aur depth kitna hona chahiye


नमस्ते दोस्तों ,

 इस article में column footing के बारे में जानेंगे | साधारणता एक परिवार के रहने के हिसाब से एक से तीन फ्लोर तक के घर बनाये जाते है | इन घरों को बनाने के लिए structure का design नहीं किया जाता है| इन्हें thumb rule का इस्तेमाल करके बनाया जाता है | इन thumb rules को सालों के काम अनुभव के आधार पर बनाया गया है | इन Thumb rule के आधार पर columns और footings का size लेते है | Footing का size कई चीजों पर निर्भर करता है , जैसे की मिट्टी किस प्रकार, मिट्टी  की ताकत कितना है, column का size, माकन का कितना भार आने वाला है इत्यादि|

Footing का size एक फ्लोर माकन के लिए कम से कम 3' लम्बा , 3' चौड़ा और 3' गहरा ( pcc और  sand के लिए गहराई अलग से ) होना चाहिए| साथ ही column size 9"X9" होना चाहिए| जैसे-जैसे column का size बड़ा होगा, footing का size और depth भी बढ़ाना आवश्यक है| 
 

Footing, substructure यानि foundation का एक मुख्य पार्ट है | मुख्य रूप से घर बनाते समय उपयोग होने वाले footings इस प्रकार है|  



  • Isolated footing
  • Stepped footing
  • Wall footing
  • Combined footing
  • Spread footing
  • Strap footing
  • Raft or mat footing 

Isolated footing बहुताय से उपयोग होने वाला column footing है जो कम ऊंचाई वाले साधारण  मकानों में किया जाता है| मतलब कि structure load कम हो और मिट्टी का bearing capacity अच्छा हो| Isolated footings को आपस में कुछ दूरी बनाकर अलग-अलग cast किया  जाता है | Isolated footing आकर में वर्गाकार, आयताकार,और गोलाकार हो सकता है|


बाकी footings को जगह और परिस्थिति के अनुसार उपयोग किया जाता है |

Stepped footing को isolated footing के जैसा ही उपयोग किया जाता है पर यह technic पुराना हो चूका है| Stepped footing अब न के बराबर उपयोग में लाया जाता है | यह footing चारों ओर से सीढ़ीनुमा होता है इसलिए इसे stepped (सीढ़ीनुमा ) footing कहा जाता है | 






Wall footing दो तरह के होते है |

  1. Masonry wall footing 
  2. RCC wall footing        
Masonry wall footing छोटे मकानों में उपयोग किया जाट है जो सिर्फ एक floor के होते है | इस तरह के मकानों को load bearing structure कहते है | इस तरह के मकानों में मकान का पूरा load masonry wall पर रहता है और masonry wall load को सीधे मिट्टी में स्थानांतिरत करता है| 

RCC wall footing  को strip footing के नाम से भी जानते है | इस तरह के footing को उन जगहों में उपयोग करते है जहाँ plot area समतल नहीं होता है|   

Combined footing उस जगह उपयोग में लाया जाता है जहाँ दो या उससे अधिक columns  परस्पर सामने हो| यानी columns के बीच जगह कम होने के कारण अलग-अलग column के लिए अलग-अलग footing डालना सम्भव न हो| 


Strap footing भी combined footing के जैसा ही होता है| इसमें भी दो या दो से अधिक columns आपस में strap beam से जुड़े होते है | यह beam मिट्टी में load transfer का काम नहीं करता है | यह columns को आपस जोड़े रखता है और support देता है | 



Spread footing में column और wall के निचे spread bars का जाल बांधा जाता है | Spread footing का area ज्यादा होता है इसलिए structure load को ज्यादा area में distribute करता है| 

Raft or mat footing बड़ा structure के लिए दिया जाता है |  Raft footing पूरा build up area या structure area के लिए दिया जाता है|

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